CBDT के सूत्रों ने बताया है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) जल्द ही टैक्सपेयर्स को वह जानकारी देखने की सुविधा देगा जो टैक्स डिपार्टमेंट को विदेशों में उनकी संपत्ति और आय के बारे में मिली है।
भारत को ‘ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ़ इन्फॉर्मेशन’ (AEOI) फ़्रेमवर्क के तहत 100 से ज़्यादा देशों से जानकारी मिलती है। इस जानकारी में विदेशी बैंक खातों, कस्टोडियल खातों, कुछ खास तरह के फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट, ब्याज, डिविडेंड और दूसरी तय फाइनेंशियल इनकम से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है।
CBDT के एक सूत्र ने कहा, “अभी तक, कैलेंडर वर्ष 2022, 2023 और 2024 से जुड़ी जो जानकारी मिली है, उसे इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में दिखाया गया है। इसके अलावा, 2025 की जानकारी सितंबर या अक्टूबर 2026 में मिलने के बाद AIS में दिखाई जाएगी।”
अधिकारी ने कहा कि यह कदम टैक्सपेयर्स के लिए सेवाओं को बेहतर बनाने और स्वेच्छा से टैक्स नियमों का पालन करने को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि पोर्टल पर दी गई जानकारी केवल वही है जो CBDT को अपने सहयोगी देशों (partner jurisdictions) से मिली है, और यह कोई पूरी लिस्ट नहीं है।
उन्होंने कहा, “इसलिए, टैक्सपेयर्स को अपने इनकम-टैक्स रिटर्न में सभी विदेशी एसेट्स और विदेशी स्रोतों से होने वाली इनकम की सही और पूरी जानकारी देनी होगी, चाहे ऐसी एसेट्स या इनकम AIS में दिख रही हों या नहीं।”