जीएसटी फ्रॉड से जुड़ी एक और बड़ी खबर: भरतपुर में राहुल ब्रांड की फ्लेवर्ड सुपारी बनाने वाली मैसर्स किशन फूड प्रोडक्ट्स बिना टैक्स इनवॉइस करोड़ों रुपए की सुपारी बेच रही थी। बिक्री का पैसा कंपनी मालिक द्वारका मतलानी अपने यहां काम करने वाले मजदूरों के नाम से खुलवाए गए बैंक खातों और यूपीआई आईडी में मंगवाता था।
जांच में अब तक 10.52 करोड़ रुपए की GST चोरी सामने आई है। कंपनी पिछले पांच वर्षों से यह तरीका अपनाकर कारोबार कर रही थी। इस दौरान उसने 56.51 करोड़ रुपए का वास्तविक कारोबार किया, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में केवल करीब 2.5 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया।
18 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर जीजीएसटी कमिश्नरेट की एंटी-इवेजन शाखा ने कंपनी में छापा मारकर 4 मोबाइल, 23-24 मशीनें, हजारों कच्ची पर्चियां, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए। विभाग ने मजदूरों के बैंक खाते फ्रीज कर कंपनी मालिक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
5 साल तक छिपाया करोड़ों का कारोबार
एडवोकेट विवेक हथैनी ने बताया कि राहुल ब्रांड की फ्लेवर्ड सुपारी बनाने वाली मैसर्स किशन फूड प्रोडक्ट्स ने पिछले पांच वर्षों में सरकारी रिकॉर्ड में केवल करीब 2.5 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया, जबकि जांच में 56.51 करोड़ रुपए की फ्लेवर्ड सुपारी बिना टैक्स इनवॉइस के बेचना सामने आया। विभाग को इसकी भनक लगने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें अब तक 10.52 करोड़ रुपए की GST चोरी सामने आई है। कंपनी पिछले पांच वर्षों से कम्पोजीशन स्कीम में रजिस्टर्ड थी।
मजदूरों के नाम से यूपीआई और बैंक खाते खोलकर छिपाया नेटवर्क
जांच में सामने आया कि कंपनी के मालिक द्वारका मतलानी ने टैक्स चोरी के लिए समानांतर नेटवर्क तैयार कर रखा था। इसके लिए कंपनी में काम करने वाले करीब 13 मजदूरों के नाम से यूपीआई आईडी और बैंक खाते खुलवाए गए। बिना बिल बेची गई सुपारी का भुगतान इन्हीं खातों में मंगवाया जाता था, जिससे असली कारोबार और कारोबारी की पहचान विभाग की नजर से छिपी रही। अब विभाग ने सभी संबंधित खातों को फ्रीज कर उनके लेन-देन की जांच शुरू कर दी है।